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My Mamma-Papa and Me

#mr.krishnakumar#

जब छोड़ देता है साथ जहाँ;
तब साथ देते हैं माँ-पापा,
जब सब आपके लिए बद्दुआ देते हैं;
तब हमारे लिए दुआ करते हैं माँ-पापा,
जब सारा जहाँ होता है खिलाफ हमारे;
तब हमारे साथ खड़े रहते हैं माँ-पापा,
जब काम नहीं आतीं खुदा से की मन्नतें;
तब फरियाद सुनते हैं माँ-पापा,
सच में भगवान का दूसरा अवतार होते हैं;
माँ-पापा

2017-10-12-06-50-55

 

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Something Special

#mr.krishnakumar#

क्या तारीफ करें हम आपकी;
अल्फाज थम जाते हैं,
तुम्हे देख के हम इस जहाँ में,
एक दिन और जी जाते है,
कुछ तो है हममें जो हमें देखकर,
तुम मुस्कुराते हो,
आपकी इस मुस्कुराहट को
देखकर ही हम,
इस जहाँ मैं एक दिन और जी जाते हैं।

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तुझे भूलना तो मैं भी चाहता हूं…..

चोट तन की हो या मन की,
दर्द तो होता है हमें पता है,
मगर जब दर्द कोई अपना दे,
तो दिल का जो हाल होता है हमें पता है,
झख्म तन का हो तो दो दिन में ठीक हो जाता है,
मगर कोई जब दिल को दर्द दे जाता है,
तो जो हाल होता है हमें पता है।

#mr.krishnakumar#

प्यार किया था जिससे मैंने,
आज वो किसी ओर के साथ खुश है,
वैसे भी आज उनके सामने सुनहरा कल है,
भुलाना तो हम भी चाहते हैं उन्हें और उनकी यादों को,
मगर जब भी भुलाने की कोशिश करते हैं,
याद आती हमेशा उनकी शकल है।

 

कुछ और शब्द……

मुझे छोड़ कर तू आज किसी और के साथ खुश है,
न कोई सिकवा न कोई गिला मुझे तुझसे अब है,
कमी शायद ही मुझमें थी ये सच भी पता मुझे अब है,
तभी तो मेरा प्यार मुझे छोड़ कर किसी और के साथ खुश है।

#mr.krishnakumar#

वो प्यारी सी हँसी तेरी;
वो तेरी मासूम सी आँखें,
वो तेरा बुलाने पर मना करना;
कुछ कहने पर आँखों को बड़ा करना;
वो मिलने पर धड़कनों का तेरी बढ़ जाना;
वो मुझसे बात करने पर तेरा शर्माना;
ज़िंदा हूं मैं जब तक हमेशा दिल में रहेगी तू;
कभी मुशीबत आ जाए तुझ पर;
तो बस मेरा नाम तू याद रखना।

मत ले इतने इंतहा…….

न कोई अल्लाह दुनिया में; न कोई मौला अब बचा है,
अब तो जैसे उस भगवान ने भी अपने ही बच्चों से मुँह मोड़ लिया है,
माना कि जरूरी है पिता का थोड़ा कठोर होना,
बनना है अगर मजबूत ज़िन्दगी में तो करना पड़ेगा कठिनाइयों का सामना,
मगर इन कठिनाइयों ने ही अक्सर बच्चों का दम तोड़ा है,
अगर ज़िंदा है तू कहीं भी तो सुनले ये गुज़ारिश मेरी,
मत ले इतने इंतहा अपने ही बच्चों के कि;
अब उनके मरने की घड़ी नजदीक आ चली है।

#mr.krishnakumar#

मेरा भी प्यार अमर हो जाएगा!

हो जायें अगर जुदा जिस्म से भी,
न कोई हमें दिल से जुदा कर पायेगा,
मर जाऊँगा जो अगर मैं,
मेरी मोहब्बत को हर कोई याद करता नजर आएगा,
शुमार होगा नाम मेरा हीर-राँज़ा के साथ जब,
और जब लोग सजदे में प्यार के मेरे सर झुकाएंगे,
तो मेरा भी प्यार अमर हो जाएगा;
तो मेरा भी प्यार अमर हो जाएगा।

          #mr.krishnakumar#

हम, हमारा इश्क़

हमारे दिल पर राज करना हक़ था उनका,
हम उनसे बेइतहां प्यार करते थे;
फिर भी उन्हें हम पर शक था थोड़ा थोड़ा,
छोड़ कर जब जाना ही था उनको;
अपनी ज़िन्दगी में किसी और को लाना ही जब उनको,
तो क्या उनका मकसद;
सिर्फ इश्क़ में बदनाम करना था हमको।

#mr.krishnakumar#

जो कभी बहारों की खुश्बुओं में ना हों सोये,
क्या उड़ाएंगे उनकी नींद जहां के ये ज़हरीले धुँए,
उम्र तो कम है मेरी मगर इतना जान चुके हूं,
ज़िन्दगी में जिन्हें चाहा सबसे ज्यादा;
साथ उनके ही सबसे पहले हैं छूटे।

मैं तुझसे प्यार करता हूं….

मैं तुझसे प्यार करता हूं; मैं तुझसे प्यार करता हूं,

तू मेरे पास जब तक है तेरा दीदार करता हूं,
तेरी खुशबू के साये मैं ये जान निसार करता हूं,
ना हूं भले ही पास तेरे तुझे हर पल याद करता हूं,
ये ज़िन्दगी नाम तेरे कर दी तुझे अपना मालिक समझता हूं,
तेरी खामोशी सजा मुझे लगती है;
तेरी मुस्कुराहट को अपना इनाम समझता हूं,
ना हो सकेगी तू कभी मेरी मैं ये भी जानता हूं,
मैं तुझे कल भी प्यार करता था
मैं तुझे आज भी प्यार करता हूं।
To be continued…. In next post
#mr.krishnakumar#

प्रेमी शायर…… Mr. Krishna Kumar

जो झख्म उसने दिये पता नहीं क्यों आज उन्हें भूलने का दिल करता है,
उसका पास न होकर भी पास होने का अहसास होता है,
जो मुझसे नफरत करता है क्यों आज उस पर दिल लुटाने का मन करता है,
माना कि वो मेरी नहीं हो सकती पर,
उसके साथ आज एक पल में पूरी जिन्दगी जीने का मन करता है।
#mr.krishnakumar#